Click to Download this video!

भाभी की बहन और मेरी अन्तर्वासना

Bhabhi ki bahan aur meri antarvasna:

sex stories in hindi, antarvasna sex stories

हेल्लो दोस्तों, मैं बिहार का रहने वाला हूँ और मैं भी आप लोगों की तरह Free Hindi Sex Stories का पुराना पाठक हूँ | आज मैं आप लोगों के सामने अपनी पहली सेक्स कहानी पेश करने जा रहा हूँ |

दोस्तों, मैं एक गांव में रहता हूँ और 12वीं में पढ़ता हूँ | मेरी उम्र 19 साल है और मेरी शरीर फिट है | जो कहानी मैं बताने जा रहा हूँ वो अभी होली के 1 दिन पहले की है | मेरे घर में मैं, मेरे मम्मी-पापा और मेरे बड़े भैया और उनकी पत्नी यानि की मेरी भाभी रहती हैं | होली से 5 दिन पहले भाभी की बहन मेरे घर पर आई थी | उसका नाम शीला है और वो 18 साल की है | उसकी चढ़ती जवानी और क्सिला बदन दोनों मिलकर कहर ढाते हैं | मैंने जैसे ही उसे देखा, मैं देखता ही रह गया | असल में वो ट्रेन से आई थी और पास के शहर के रेलवे स्टेशन पर उसे लेने बाइक से मैं ही गया था | बाइक स्टेशन के बाहर खड़ी करके जब मैं अन्दर गया तो ट्रेन आ रही थी | मैंने उसको कॉल किया तो उसने बताया की वो एस 2 में है | मैं एस 2 के सामने पहुँच गया और उसका उसका इंतजार करने लगा | थोड़ी ही पलों में वो गेट पर दिखाई दी मुझे | मैंने उसका बैग उठाया और उसे अपने साथ लेकर चल पड़ा | एक उसका चेहरा काफी खुबसूरत था और बदन एकदम फिट और सेक्सी | मैंने जान बुझकर बीच में कॉल अटेंड करने का बहाना किया ताकि उसी बहाने वो थोडा आगे चली जाये और मैं उसकी गांड देख सकूं | आईडिया काम आया और मुझे उसकी गांड दिखाई दे गयी | कसा हुआ सूट और सलवार पहना था उसने और इस वजह से उसके बदन का एक एक उभार अच्छे से दिख रहा था मुझे | उसके बूब्स मध्यम साइज़ के और गांड बहुत ज्यादा तो उठी नही थी लेकिन उसकी फिट बॉडी के हिसाब से मस्त थी | मेरा मन उसुई वक़्त डोल गया उस पर |

अब मैं उसके पीछ गया और उसका सामान उसको पकड़ा कर गाडी स्टार्ट कर दी | अब वो मेरे पीछे एक साइड पैर करके बैठ गयी | मुझे उसके बूब्स का टच चाहिए था इसीलिए मैंने उससे दोनो तरफ पैर करके बैठने को बोला | वो मना करने लगी तो मैंने जानबूझ कर बोला की इस तरह से डबल चलाना नही आता मुझे | मज़बूरी में वो दोनों तरफ पैर करके बैठ गयी | अब मैंने गाडी चलाना शुरू किया | लगभग 1 घंटे का रास्ता था | अचानक से उसके फ़ोन की घंटी बजी | उसने नंबर देखकर फ़ोन काट दिया | थोड़ी देर बाद फिर से घंटी बजी तो फिर उसने वैसे की किया | मैं अन्दर से तो थोडा मायूस हो गया लेकिन हंस के बोला – उठा लो, तुम्हारा बॉयफ्रेंड इंतजार कर रहा होगा तुम्हारी कॉल का | वो बोली – मेरा कोई बॉयफ्रेंड नही है, एक लड़का है कोई जो पता नही कहाँ से मेरा नंबर पा गया है और बार बार कॉल करके मुझे परेशान कर रहा है | मैंने बोला – रुको एक मिनट |

मैंने बाइक साइड में रोकी और उसका फ़ोन लिया और उसी नंबर पर फ़ोन किया इधर से मैंने | कोई लड़का बोल रहा था और जिस अंदाज से वो बोल रहा था, मुझे पक्का यकीन हो गया की वो इसका बॉयफ्रेंड नही है | मैंने उसको ढंग से डांटा और बोला की आज के बाद कॉल कर दिया तो टांगे तोड़ दूंगा | वो लड़का बोला – तुम कौन ? मैं बोला – मैं इसका बॉयफ्रेंड हूँ और समझ ले इज्जत से वरना झेलेगा | वो दर गया और उसने सॉरी बोला | फिर मैंने कॉल कट की और वो नंबर ब्लाक लिस्ट में डाल दिया |

शीला खुश हो गयी की उसे मैंने इस दिक्कत से छुटकारा दिला दिया | हम दोनों फिर बाइक पर बैठकर चलने लगे | अचानक शीला ने अपना बैठ पीछे टांगा और अपने दोनों हाथ मेरे पेट पर रख दिए और पीछे से मुझे हग कर लिया | मुझे बहुत अच्छा लगा | वो फिर बोली – अच्छा तुम मेरे बॉयफ्रेंड कब बने ? मैंने बोला – जब तुम बनाना चाहो, मैं तो तुम्हे देखते ही पसंद करने लगा था और तुम्हे अपनी गर्लफ्रेंड मान बैठा था | वो खुश हो कर बोली – चलो फिर जल्दी से वो 3 शब्द बोलो | मैंने आई लव यू बोल दिया | उसने आई लव यू टू बोला | मैं खुश हो गया क्यूंकि वो मेरी पहली गर्लफ्रेंड थी |

थोड़ी देर बाद हम दोनों घर पहुँच चुके थे | घर पर बाकी लोगों के होने की वजह से पास में होकर भी हम दोनों ढंग से बात तक नही कर पा रहे थे | दुसरे दिन मैंने मौका मिलते ही उससे बोला – मुझे तुमसे मिलना है | वो बोली – कहाँ और कब ? मैं बोला – कल सुबह 4 बजे उठ जाना, टॉयलेट के बहाने चलेंगे | उसने पहले तो मना किया लेकिन फिर मान गयी |

अगले दिन सुबह 4 बजे हम दोनों शाल ओढ़ कर चल दिए | लगभग 1 किलोमीटर जाकर एक गन्ने का बडा सा खेत आ गया | मैंने उसका हाथ पकड़ा और गन्ने में खेत में काफी अन्दर चला गया | वो डर रही थी लेकिन मैंने उसको भरोसा दिलाया तो वो मान गयी | खेत में अन्दर एक जगह पर गन्ना नही था और ऐसे ही जमीन थी | मैंने जो शाल ओढ़ रखी थी उसे बिछाया और उसे लिटा दिया | अब मैं उसके ऊपर आ गया | मैंने उसके कोमल होठों पर अपने होंठ रख दिए और उसे किस करने लगा | वो थोडा झिझकी लेकिन फिर मेरा साथ देने लगी |

किस करते करते मैं उसकी गर्दन पर किस करने लगा और उसके बूब्स को दबाने लगा | वो मना करने लगी तो मैंने थोड़ी रिक्वेस्ट की | वो मान गयी | बस फिर क्या था, मैंने उसका सूट ऊपर कर दिया और उसके बूब्स के ऊपर से ब्रा भी हटा दी | उसके प्यारे प्यारे बूब्स अब मेरे सामने थे | मैंने उन्हें चूमना शुरू कर दिया | वो मस्ती में मेरा सर पकड कर ओने बूब्स चुस्वाने लगी | उसके निप्पलों का स्वाद बहुत अच्छा था | मैंने चुसना जारी रखा और उसकी चूत के ऊपर सहलाने लगा | उसने मेरा हाथ झटक दिया और बोली – बस ऊपर तक ही |

मैंने उसको फिर से किस करना शुरू किया तो वो गर्म होने लगी | उसके बूब्स को चूम के उसे और गर्म करके मैंने फिर सीधा उसकी सलवार के अन्दर अपना हाथ घुसेड दिया और उसकी चूत को सहलाने लगा | उसने फिर से मना करना शुरू कर दिया लेकिन मैंने उसकी एक न सुनी और उसकी चूत के अन्दर अपनी एक ऊँगली डाल दी | शायद उसने कभी अपनी चूत चुदवाई नही थी क्यूंकि वो बहुत जोर जोर से सिर्फ एक ऊँगली के घुसने पर ही सिसकियाँ ले रही थी |

थोड़ी देर में उसे अच्छा लगने लगा तो मैंने उसकी सलवार और चड्ढी उतार दी और उसकी टांगों को फैला दिया | अब मैंने अपने कपडे उतार दिए और चड्ढी भी उतार दी | अब मेरा लौड़ा उसके सामने था | मैंने अपने लंड को उसके हाथ में दिया तो वो मना करने लगी | मैंने बहुत ज्यादा नही जहा और फिर उसकी टांगों को फैला कर अपना लौड़ा उसकी चूत पर टिका दिया | मैंने एक धक्का दिया तो मेरा लंड उसकी चूत में आधा घुस गया | वो रो पड़ी | मैंने देखा की उसकी चूत से खून निकल आया था | मैं समझ गया की सच में इसने कभी पहले अपनी चूत नही चुदवाई है | मैंने लंड बाहर निकाल लिया और रुमाल से अपने लंड पर लगा खून साफ़ किया | फिर मैंने उसकी चूत में लगा खून भी साफ़ किया और फिर से टिका कर एक जोर का धक्का दिया | इस बार मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस चूका था |

वो कराहने लगी तो मैंने उसको किस करना और उसके बूब्स को चुसना शुरू कर दिया | थोड़ी देर में वो थोडा नार्मल हो गयी तो मैंने धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू कर दिए | वो अब भी सिसकियाँ ले रही थी और आह हह ह्ह्ह ह्ह्ह्ह ह हह हह ह उम् मम म म्मम्म मम ऊऊ उ ई ई ईईइ इ ईई ई कर रही थी | मैंने धीरे धीरे स्पीड बढ़ानी शुरू कर दी और मेरी स्पीड के साथ उसकी सिसकियाँ भी बढ़ गयीं | कोई सुन न ले इसीलिए मैंने उसके मुंह को दबाया और जोर जोर से उसे चोदना शुरू कर दिया |

लगभग आधे घंटे की जोरदार चुदाई के बाद मैं झडने वाला हुआ तो मैंने लंड निकाला और साइड में जमीन पर झाड दिया | उसके बाद हम दोनों ने कपडे पहने और वापस घर आ गये | अगले दिन होली थी | मैंने उस दिन उसको अच्छे से रंग लगाया और उसके अगले दिन फिर से चोदा | ये थी मेरी कहानी |


Comments are closed.


error:

Online porn video at mobile phone


ladki ki chudai ki kahani hindicanada me aunty ki lambi chudai ki kahanisaath kahaniyachoot chudai storychut gand ki kahaniindianxxxauntymaa beta hindi sex kahaniबहन को लंड दिखाया सभी के सामनेhindi fonts sexy storiesmaa ki chut ki kahanirekha ki chudaimaa ko dosto ne chodasex story hindi maychudai ke tarike videohot aunty chudaiaunty ko chodmaa beta sexy storyhindisex bookspadosi bhabhi ki chudai kahanichut nangimami ki gandjija sali hindi sex storyrani ki chudaimausi ki chudai in hindi storybaheno ki chudaisex story hindi auntywww marathi sambhog kathachudai ki kahani mummydidi ki chudai dekhisxecy videohindi sex maa betamaa bete ki chudai hindi storydevar bhabhi chudai ki kahanichud gayiapni mummy ko chodaमदर एंड सों सेक्स स्टोरी बिना पता चले इन हिंदी नईdidi ki chut photoshashi ki chudaipatni aur sali ki chudaifriend ki maa ki chudaiapni sister ki chudaiindian bhabhi ki chudai kahanibehan ki chudai ki storybhai.bahanme.sex.rakhime.hindi.pani chutsamuhik chudayi neta Hindi storydesi marathi sex storiessali ki chudai hindi fontchut manthansexy story hindi marasili chut ki photowww sexi kahanichudai book hindichachi ki choot mariहिनदी सकसि कहानी सेठchut ke khanebhabhi chudai hindi kahanibhabhi ki mast chudai hindi storymst chudai ki khaniananya ki chudaimaa ki suhagrathindi xexxxx sex nandoi story in hindivasna hindisapna pabbi sexmarathi kaku sexchudai katha hindiaadimanav sexbhabhi ki chut ke darshanmastram ki hindi kahanichudai family storynew gandi kahani