पापा का मोटा लंड

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम कविता है। यह कहानी पड़ने से पहले लड़के अपना लंड पकड़ लें और लड़कियां अपनी चूत में उंगली डाल लें ताकि स्टोरी पड़ने में ज़्यादा मज़ा आएगा और जब स्टोरी एक गरम, मुकाम पर पहुंचेगी तो लड़कों को मुठ मारना और लड़कियों को उंगली से चुदाई करना आसान रहेगा। जिन लडकियों को गाजर, मूली, खीर या लंबे बैंगन से अपनी गरम और टपकती हुई चूत ठंडी करने का शौक है वो भी जिस चीज़ से चूत ठंडी करती है वो अपनी चूत में फिट कर लें। पाठकों में अब अपनी कहानी पर आती हूँ।

दोस्तों में दिल्ली की रहने वाली हूँ। में एक पढ़ी-लिखी इंजिनियर हूँ.. में गुडगाँव में एक प्राईवेट कम्पनी में सॉफ्टवेर इंजिनियर की नौकरी करती हूँ। मेरी उम्र 24 साल है.. रंग गोरा, बदन गदराया हुआ और मेरा साईज 34-28-36 है और में जब चलती हूँ तो लंबे बाल चूतड़ पर एक सांप की तरह लहराते है और ऐसा लगता है कि एक काला नाग मेरी गरम, सेक्सी गांड में घुसना चाहता है और मेरी झील की गहराई की तरह मदहोश कर देने वाली आंखे है.. लेकिन मेरा बदन बहुत हॉट और सेक्सी है। मेरा नाम कुछ भी हो.. लेकिन मेरे कॉलेज टाईम से ही मजनू टाईप के छोकरों ने मेरा नाम “चुदक्कड़ माल” रखा हुआ था। मेरा घर आगरा में है जहाँ पर मेरे पापा अपना खुद का व्यापार करते है और मेरा एक बड़ा भाई है.. जिसका नाम विक्रम है और वो भी दिल्ली में पिछले 7 सालों से रह है और करीब 5 साल पहले में भी अपनी पढ़ाई करने के लिए दिल्ली आ गयी और भैया के साथ दिल्ली में रहने लगी।

में बहुत कामुक स्वभाव की हूँ और मेरी पहली चुदाई मेरे एक बहुत नज़दीकी रिश्तेदार ने आज़ से 4 साल पहली की थी और में पिछले 4 सालों में सैकड़ो बार अलग अलग तरह से कई लंड से चुद चुकी हूँ। में उसमे चूत चुदाई, दोस्त के साथ चुदाई, दोस्त के दोस्त से चुदाई आदि। मैंने अभी तक जो भी लंड लिए उनका साईज़ 6 से 9 इंच और 2 से 3 इंच मोटा था। लंड अपनी चूत और गांड के होल में कम से कम 500-600 बार लिए हुए है। मैंने काले लंड, एकदम गोरे चिट्टे लंड, सीधे लंड और केले जैसे लंड से चुदाई करवाई है। दोस्तों में पूरी नंगी बैठकर स्टोरी लिख रही हूँ।

दोस्तों यह बात अप्रेल 2013 की है.. में अपने माता, पिता को मिलने आगरा गयी हुई थी। हमारा घर बहुत पुराना दो मंजिला बना हुआ है और मेरे माता, पिता का रूम नीचे वाली मंजिल पर है और मेरा रूम ऊपर पहली मंजिल पर है और घर में पुरानी डिज़ाईन की एक रोशनदान बनी हुई है यही कोई 8 फीट की ऊंचाई पर। में किस्मत से अपने माँ, पापा की चुदाई आज़ से लगभग 3 साल पहले ही देख चुकी थी। पापा, मम्मी को क्या चोद रहे थे जैसे कि एक घोड़ा, घोड़ी को चोद रहा हो। तब मैंने नई नई चुदाई देखी थी और इसलिए में शरम की वजह से ज्यादा देर तक उनकी चुदाई नहीं देख पा रही थी। आज फिर मेरे मन में उनकी चुदाई देखने की लालसा थी.. तो मैंने रात के 10.00 बजे खाना खाकर मम्मी और पापा को गुड नाईट बोला और ऊपर अपने रूम में चली गयी और फिर थोड़ी ही देर में नीचे वाली मंजिल की सभी लाइट बंद हो गई तो मुझे लगा कि अब मम्मी, पापा का चुदाई का कार्यक्रम शुरू होने वाला है और में बेड पर लेटे हुए सोच रही थी कि में आज़ फिर उनकी चुदाई देखूँगी। तो में उठकर नीचे वाली मंजिल की खुली छत पर टहलने लग गयी और थोड़ी ही देर में मुझे उनके रूम में से कुछ धीमी धीमी आवाजे सुनाई देने लगी। तो में दबे पैर छत से नीचे आ गयी और नीचे वाली मंजिल के रोशनदन जो कि मेरे कमरे के बिल्कुल पास है.. उसी में से अंदर देखने लगी। मैंने देखा कि मम्मी पूरी नंगी होकर नीचे थी और पापा उनके ऊपर चढ़कर लंड को चूत में धक्का लगा रहे थे और उनका गधे के समान 8 इंच लंबा और 3.5 इंच मोटा काला लंड मम्मी की चूत के अंदर बाहर हो रहा था। फिर पापा पूरे जोश से एक नौजवान से भी बड़कर बहुत तेज़ी से लंड को उनकी चूत में एक पिस्टन की तरह अंदर बाहर कर रहे थे।

दोस्तों में पिछले चार सालों में लगभग 600 बार चुद चुकी हूँ.. लेकिन मैंने ऐसी दमदार चुदाई कभी नहीं देखी थी। फिर मेरी उंगलियां ना जाने कब मेरे गाऊन के अंदर मेरी चूत तक पहुँच गयी थी और दो उंगलियां तो अब चूत के अंदर बाहर हो रही थी। उधर मम्मी ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी कि संजय तुम्हे कितनी बार कहा है कि थोड़ा आराम से चुदाई किया करो.. लेकिन तुम उल्टा ज्यादा तेज़ी से चुदाई शुरू कर देते हो और मुझे बिल्कुल एक कुतिया की तरह चोद देते हो। तो यह सुनते ही पापा का जोश और दुगुना हो गया और बोले कि ले कुतिया ले अब इस कुत्ते का 8 इंच लम्बा लंड सम्भाल और दुगनी तेजी से लंड अब चूत के अंदर बाहर करने लगे। तो मुझे लगता था कि जैसे मम्मी को चुदाई में कोई रूचि ही नहीं थी.. वो तो बुझे मन से कभी आह्ह्ह, कभी ऊहह, कभी मार डाला रे बोल रही थी। फिर इधर मेरी चूत में अब तीन उंगलियां अंदर बाहर हो रही थी और में सोच रही थी कि काश में मम्मी की जगह चुद रही होती तो कितने मजे से चुदवाती और शायद मम्मी पिछली 28 साल से पापा से चुदकर अब पूरी तरह से ऊब चुकी थी और सिर्फ़ पति घर्म निभाने के लिए चुदवा रही थी।

फिर उधर पापा ने अपनी स्पीड और तेज कर दी और मुझे खिड़की से पापा का लंड और जांघो से मम्मी की चूत के टकराने की आवाज़े ठप, ठप्प, छप बिल्कुल अच्छी तरह सुनाई दे रही थी और हर आवाज़ मुझे पागल सी किए जा रही थी और अब मेरी चारों उंगलियां मेरी चूत में अंदर बाहर हो रही थी और मेरे मुहं से भी अहह ओफ्फ्फ की आवाजे बहुत धीमी आवाज़ में आ रही थी। फिर मुझे लग रहा था कि अब मेरी चूत का लावा निकलने वाला है और में अपने मुहं से निकलती हुई आवाजों को कंट्रोल नहीं कर पा रही थी.. इसलिए में खिड़की को छोड़कर दबे पैर छत पर आ गयी और अपनी चूत में पूरा हाथ डाल दिया और बहुत तेज़ी से अंदर बाहर करते हुए बहुत ज़ोर से सिसकियाँ कर रही थी। फिर लगभग 5-7 मिनट के बाद मेरे हाथ रुक गए और में चीख मारकर झड़ गयी और मेरी चूत से शायद आधा ग्लास जूस निकला होगा। यह मेरी ज़िंदगी का सबसे बड़ा झड़ना था और में अपने पूरे हाथ को चूत में डालती फिर बाहर निकलती और पूरे हाथ को अपने मुहं में डाल रही थी। इस तरह मैंने वो आधा ग्लास के लगभग चूत का रस चाट लिया और में अब अपने को बहुत हल्का महसूस कर रही थी.. लेकिन नीचे से आती चुदाई की आवाज़ो ने फिर से मुझे खिड़की के रोशनदान के पास लाकर खड़ा किया और मेरे मन में कोई भी डर या संकोच नहीं था कि में अपने माता, पिता की चुदाई का आनंद ले रही हूँ। तब मुझे पापा की आवाज़ सुनाई दी.. नेहा रानी अब कुतिया बन ज़ाओ.. में तुम्हे अब पीछे से अपना लोहे जैसा लंबा लंड चूत में डालकर चोदूंगा। तो नेहा रानी का जवाब तो बिल्कुल निराशाजनक जनक था.. में दो बार झड़ चुकी हूँ अब ज़ल्दी से कुतिया बनाकर चोदो और पीछा छोड़ो मेरी इस चूत का। तो मम्मी किसी रोबोट की तरह बेड से उठी और बेड के साईड अपने दोनों हाथों से पकड़ कर घोड़ी बन गयी। मुझे उनकी चूत से निकलता हुआ रस उनकी जांघो पर बहता हुआ साफ साफ दिखाई दे रहा था। तो पापा का लंड मम्मी की चूत के जूस से बिल्कुल भीगा हुआ था और एक काला मूसल लग रहा था.. पापा ने अपने दोनों हाथों से मम्मी की जांघो का रस समेट लिया और फटाफट उस रस को अपने मुहं के हवाले किया और चटकारे लेकर चाट गए।

फिर बोले कि ले कुतिया की औलाद मेरे इस खम्बे जैसे लंड को संभाल और अपना लंड फच्च की आवाज़ के साथ मम्मी की चूत में घुसेड़ दिया। तो मम्मी ने ज़ोर की सिसकियों के साथ उस डंडे जैसे काले लंड को अपनी चूत के होल में ले लिया। तो अब पापा फिर से गधे जैसे लंड को बहुत तेज़ी से अंदर बाहर करने लगे और साथ ही साथ थोड़ी देर बाद मम्मी की 44 इंच मोटे चूतड़ पर ज़ोर का थप्पड़ मारते और बोलते मेरी नेहा रानी का अब क्या हाल है? तो मम्मी कोई भी जवाब नहीं दे रही थी.. लेकिन वो किसी पत्थर की मूरत की तरह चुपचाप चुद रही थी। तो में मम्मी के इस तरह के व्यहवार को नहीं समझ पा रही थी और मुझे तो बाद में पता चला कि मम्मी की अब सेक्स और चुदाई में कोई रुची नहीं है.. वो तो अब धार्मिक जीवन जीना चाहती है और पापा को यह सब बातों से बहुत चिढ़ थी और वो अपनी जिंदगी को इसी तरह सेक्स करके आगे बड़ाना चाहते थे।

दोस्तों मेरी चूत फिर से गीली होने लगी और मेरा दिल कर रहा था कि मम्मी की जगह में जाकर कुतिया बन ज़ाऊ और पापा के लंड से जबर्दस्त चुदाई करवाऊँ.. लेकिन मेरे मन में पता नहीं कहाँ से ख्याल आया और में तुरंत खिड़की के गोले में लगी हुए काली रेलिंग पर बैठ गयी और उस रेलिंग को पापा का लंड समझकर उस पर अपनी चूत और गांड रगड़ने लग गयी। मेरी चूत के रस ने उस रेलिंग को जैसे नया पेंट कर दिया हो उस तरह चमका दिया। उधर पापा लगातार मम्मी को चूत में ज़ोर ज़ोर से धक्के मार रहे थे और उनका लंड ठप्प ठप की आवाज़े निकालता हुआ मम्मी की चूत में अंदर बाहर हो रहा था। फिर बीच बीच में पापा बड़ी बेरहमी से मम्मी की 40 साईज़ के दोनों खरबूजों को भी दबा देते थे और मम्मी सिर्फ़ गुस्से से पापा को देखकर रह ज़ाती थी। हर आवाज़ के साथ साथ में और ज्यादा गरम हो रही थी और में अपनी चूत के रस से रेलिंग के पाईप को गीला करती हुई नीचे भी गिरा रही थी और में बहुत हैरान थी कि पापा के अंदर वो कौन सी ताक़त है जो अब तक लगभग 35 मिनट की घमासान चुदाई के बावजूद नहीं झडे थे।

दोस्तों मैंने इतना ताकतवर लंड इस उम्र में किसी का भी नहीं देखा था और मुझे बाद में पता लगा कि पापा योगा करके अपनी सेक्स पावर को ठीक रखते है। मेरी माँ अपनी मर्जी के बगेर नीचे पड़ी पड़ी पापा के लोहे जैसे लंड से चुद रही थी और ऊपर बेटी लोहे के काले पाईप को लंड बनाकर चुद रही थी। फिर में अपनी चूत और गांड को बहुत तेज़ी से पाईप के लंड पर ज़ोर ज़ोर से रगड़ रही थी और मेरे मुहं से अब सिसकियों की आवाज़े आने लगी थी.. इसलिए मैंने तुरंत अपने गाऊन को उतारा और अपने मुहं पर बांध लिया ताकी मेरी चीख मम्मी या पापा ना सुन सके और फिर अगले 4-5 मिनट में एक ज़ोर की चीख मारकर पाईप के ऊपर ही झड़ गयी और फिर मेरी चूत कोई 3-4 मिनट तक फव्वारे की तरह पानी छोड़ती रही.. इतना पानी कि सारा पाईप तो गीला हो गया और कुछ पानी पाईप से नीचे भी टपक गया था। में उस पानी को फटाफट चाट गयी और इस बीच में शायद अपनी चूत को झाड़ने में इतनी मग्न थी कि मुझे पता ही नहीं लगा कि कब पापा, मम्मी ने चुदाई का पोज़ बदल लिया और अब पापा बेड पर सीधे लेटे हुए थे और मम्मी, पापा के ऊपर चड़ी हुई थी और उनकी चूत को पापा उछल उछलकर फाड़ने की कोशिश कर रहे थे। मम्मी बस एक रोबोट की तरह उनके ऊपर चड़ी हुई थी और बस सिसकियाँ ले रही थी और पापा का लंड उनकी चूत में सटासट अंदर बाहर हो रहा था। में पिछले 30 मिनट में दो बार झड़ चुकी थी और मेरे पैरों में भी अब ज्यादा देर खड़े रहने की ताकत नहीं थी। में उस पाईप पर नंगी बैठ गयी और उस जबरदस्त चुदाई को देखती रही। तभी मम्मी बोली कि अब निकालो भी अपने लंड से रबड़ी.. में तो अब तीसरी बार झड़ रही हूँ तभी मम्मी के शरीर में जैसे किसी ने बिजली का करंट लगा दिया हो.. उनके शरीर में अकड़ सी हुई और वो चीख मारकर झड़ गई।

में सोच रही थी कि मुझे भी ऐसा लंड मिल जाये तो में अपने आप को बहुत खुशकिस्मत समझूंगी। फिर शायद पापा को अब मम्मी पर तरस आ गया था और वो बोले कि नेहा रानी तुझे तीन पोज़ में चोदने के बावजूद मेरा मन नहीं भरा.. लेकिन में अब झड़ता हूँ और फिर पापा ने मम्मी को अलग किया और तुरंत उनके काले मोटे लंड से बहुत तेज़ी से सफेद रबड़ी निकलकर मम्मी के मुहं, बूब्स और पेट पर गिर रही थी। फिर में बहुत हैरानी से देख रही थी कि पापा का लंड बहुत तेज़ी से सफेद वीर्य की धार छोड़ रहा था। तो मम्मी पास पड़े हुए गाऊन को उठाने के लिए बड़ रही थी कि तभी मम्मी ने अपने दोनों हाथों से उस रबड़ी को लेते हुए अपने मुहं के हवाले कर दिया। मैंने ऐसा नजारा ना आज तक देखा था और ना ही कभी आगे देखने की उम्मीद थी। फिर नीचे अब उनकी चुदाई खत्म हो चुकी थी। मम्मी अपने शरीर को साफ करने के लिए टॉयलेट चली गई थी और पापा नंगे बेड पर लेटे हुए आराम कर रहे थे और मैंने भी अब वहाँ से खिसकने में ही भलाई समझी और दबे पैर अपने रूम में आ गयी और में बहुत थक गई थी इसलिए ज़ल्दी ही नंगी ही सो गयी ।।


Comments are closed.


error:

Online porn video at mobile phone


maa chudai sex storymujhe chodna haiindian aunty sex story in hindiMakan malik ne choda xxx chudai kahani hindisaxykahaniyaamerica me chodachachi ki chudai storyबहन कि गांड मे लंड डाला आ आउच सक्सी हिन्दीnesa ki chudiakeli bhabhi ko chodapahad ka six video jur jabstimaa ki chudai story hindi menandini sex photosbhai bahan ki chudai hindi kahaniactress ki chudai kahanididi ki mast chudaibua ka balatkarNew chudai story in Hindisex ki kahniyadesi sex story comdevar bhabhi ki sexy storymom ki chut kahanibhai behan story hindistory of maa ki chudaibhabhi ki chudai hindi me kahanifree hindi sexstorygand me lodachudai moti gand kikontryaktar ki biwi ka gand Mari sex Story Hindibhai ka lundmaa ki chut hindi storydevar aur bhabhi chudaidasi khaniabete Ajay aur maa ki suhagrat wali sex story maa ki choot kahanibete se chudirupali sexindian aunty combur land sexgarl ferend ki chudae vedeo michut lund ki kahani in hindipapa ke jaane ke baad mumm.ko jabardasti sexy kahaaniwww desi chudai storydesi indian sex stories comgand marne ka mazaapne bete se chudaipagal ne chodachut marwaifull sex story hindiangreji sexchudai behan kichoot marne ki kahanisister sex story in hindihindi pronchikni bhabhi ki chudaijija sali chudai storysaxikhaniperiod me chudaimarwadi hindi sexnew story behan ki chudaimaa aur beta ki chudai kahanidever aur bhabhi ki chudaiantarvasna story freehot chudai hindiaunty ki chudai real storyभाभी की च**** खेत में bikeindian hindi antarvasnabiwi ko chudwayaboos or uske dosto se boor chodwayi hot sex kahaniholi chutmarati sax storisexy baate videoantarvasna hot hindi storiesnew latest hindi sex storyadivase goma phonae danc video downlod.comhindi sex story marathi2014 chudai kahanichudai raatbete ne choda